महत्वपूर्ण क्षेत्र
संस्थान के प्रमुख कार्यक्षेत्र :
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विभिन्न प्रजातियों की नर्सरी तकनीकों का विकास कर, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री प्राप्त करना, जिससे कि निम्नीकृत क्षेत्रों (degraded areas) का पुनर्वास किया जा सके।
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विभिन्न प्रजातियों के गुणवत्तापूर्ण बीज और रोपण सामग्री के स्रोतों (Sources ) की पहचान करना और बीज उद्यानों (Seed orchards ) की स्थापना करना।
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शीत मरुस्थलीय क्षेत्रों का पारिस्थितिकीय पुनर्स्थापन और अल्पाइन चारागाहों का प्रबंधन।
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खनन प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्वास।
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एकीकृत कीट प्रबंधन और रोग नियंत्रण मॉडल का विकास।
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गैर-काष्ठ वन उत्पादों का इन-सीटू तथा एक्स-सीटू संरक्षण।
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हिमाचल में कृषि-वानिकी के विस्तार हेतु प्रयास करना।
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विभिन्न लक्षित समूहों को संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा उन तक शोध निष्कर्षों का प्रसार करना।
