वन संरक्षण प्रभाग
जनादेश
नर्सरी, बागान और प्राकृतिक वन पर किफायती एवं पर्यावरण स्वीकार्य कीट प्रबंधन रणनीति का विकास
वन उत्पादकता बढाने के लिए रोग प्रबंधन रणनीति का विकास
प्राथमिक क्षेत्र
क्षेत्र के प्रमुख वृक्ष प्रजातियों के कीट एवं रोगों पर अनुसंधान करना तथा उनके प्रबंधन हेतु प्रोटोकॉल विकसित करना।
चयनित वृक्ष प्रजातियों पर कीट एवं रोगजनकों की जनसंख्या वृद्धि के कारकों का अध्ययन करना तथा पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन उपाय विकसित करना।
समेकित कीट एवं रोग नियंत्रण मॉडल विकसित करना।
प्राकृतिक वनों, नर्सरियों एवं वृक्षारोपण क्षेत्रों में कीट एवं रोगजनकों द्वारा होने वाली क्षति की मात्रा का आकलन करने हेतु विधियाँ एवं तकनीकें विकसित करना।
राज्य वन विभाग के सक्रिय सहयोग से चयनित वृक्ष प्रजातियों में कीट एवं रोग प्रतिरोधी लक्षणों वाले पौधों के विकास हेतु सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देना।
राज्य वन विभाग ,गैर सरकारी संगठनो और किसानों द्वारा शत्रु कीट और बीमारियो की समस्याओं पर पूछताछ की जांच करना और उनके नियंत्रण के लिए प्रबंधन तकनीकों का सुझाव देना
कीट रोग विज्ञान ,जैविक नियंत्रण प्रयोगशाला ,insectary & insectarium ,वन संरक्षण के अन्य उभरते सीमाओं की आधारभूत संरचना की स्थापना करना
प्रमुख उपकरण
माइक्रोस्कोप Nikon E400
PCR (बेंच टॉप)
इलेक्ट्रोफोरेसिस (बेंच टॉप)
जेल-डॉक (Protein Simple)
माइक्रोस्कोप (LMI 3003276A) Leedz Micra XZ-150wA – कोल्ड लाइट इल्लुमिनेटर
कीट गतिविधि रिकॉर्डर
pH मीटर
माइक्रोस्कोप Nikon SMZ1500
कूलिंग सेंट्रीफ्यूज
कीट ग्रोथ चेंबर
B.O.D. इन्क्यूबेटर
लैमिनार एयर फ्लो
लायोफिलाइज़र
CO₂ इन्क्यूबेटर
ऑटोक्लेव
डीप फ्रीज़र
आइस फ्लेकर
मल्टी कूलिंग चेंबर
टैबलेट मेकिंग मशीन
परियोजनाएँ
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, शिलारू, शिमला से लग-भग 50 कि.मी. दूर रामपुर कि दिशा पर 2400 मीटर की ऊँचाई (77°27'30" पूर्व; 31°15'30" उत्तर) पर स्थित है, यह केंद्र समशीतोष्ण हिमालयी वृक्ष प्रजातियों और उच्च हिमालयी औषधीय पौधों पर अनुसंधान के लिए एक आदर्श स्थान है। यह क्षेत्र सर्दियों में दिसम्बर से मार्च के बीच माध्यम से भारी हिमपात का अनुभव करता है। स्टेशन का कुल क्षेत्रफल लगभग 0.5 हेक्टेयर है, जिसकी मिट्टी चिकनी दोमट बनावट की है और ढलान 15–20% तक है। स्टेशन में कुछ मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध हैं जैसे विश्राम गृह में 2 कमरे, एक गार्ड हट, 2 कार्यालय कक्ष तथा 1 भंडार कक्ष। विभिन्न PLAN और EAP परियोजनाओं के प्रायोगिक लेआउट में नर्सरी बेड और पॉलीबैग तैयार करना शामिल है, जिनका उपयोग मुख्यतः समशीतोष्ण क्षेत्र की औषधीय पौध प्रजातियों जैसे भोजपत्र (Betula utilis), चोरा (Angelica glauca), अतीस (Aconitum heterophyllum), जटामांसी (Valeriana jatamansi), सालम-मिश्री (Polygonatum verticillatum), रई (Picea smithiana), तोष (Abies pindrow) और देवदार (Cedrus deodara) आदि पौधों को उगाने में किया जाता है। केंद्र का स्टाफ IFS अधिकारियों, अन्य हितधारकों, स्थानीय पंचायत, महिला मंडल, युवक मंडल तथा स्कूल के विद्यार्थियों को चल रहे अनुसंधान एवं विकास कार्यों का प्रदर्शन भी करता है। इसके अतिरिक्त, केंद्र के आस-पास के क्षेत्रों में स्थानीय पंचायत और विद्यार्थियों की भागीदारी से पौधारोपण की गतिविधियाँ भी की जाती हैं। साथ ही, स्थानीय पंचायतों को उनकी मांग के अनुसार प्रतिवर्ष पौधे भी वितरित किए जाते हैं।
कर्मचारी
| क्रम संख्या | नाम | पदनाम | संपर्क विवरण |
|---|---|---|---|
| डॉ॰अश्वनी तपवाल | वैज्ञानिक एफ़ व प्रभागाध्यक्ष एवं प्रभागाध्यक्ष |
tapwala@icfre.org 9418065960 |
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| डॉ॰पवन कुमार | वैज्ञानिक एफ़ |
kumarp@icfre.org 9418055916 |
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| श्री अखिल कुमार | मुख्य तकनीकी अधिकारी |
akhilk@icfre.org 8219176923 |
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| श्रीमति नेहा ठाकुर | तकनीकी सहायक |
thakurn@icfre.org 8629829594 |
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| श्री मंजीत कुमार | वरिष्ठ तकनीशियन |
kmanjeet@icfre.org 7018057879 |
संपर्क
अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
डॉ॰अश्वनी तपवाल
वैज्ञानिक एफ़ व प्रभागाध्यक्ष एवं प्रभागाध्यक्ष
भावाअशिप-हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान
9418065960